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Bihar Tender Scam: IAS संतोष मल्ल से 8 घंटे पूछताछ, रिशुश्री की कथित WhatsApp चैट पर ED के सवाल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार टेंडर घोटाले में ED ने IAS संतोष कुमार मल्ल से आठ घंटे पूछताछ की। रिशुश्री से जुड़ी कथित WhatsApp चैट और सरकारी ठेकों में कमीशनखोरी के आरोपों की जांच जारी है।

30 अक्टूबर 2026 | Alam Ki Khabar: बिहार में सरकारी टेंडरों के आवंटन से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष कुमार मल्ल से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने उनके नगर विकास एवं आवास विभाग में सचिव रहने के दौरान स्वीकृत परियोजनाओं, ठेकों के आवंटन और भुगतान से जुड़े कई सवाल किए।


सुबह करीब 11:15 बजे शुरू हुई पूछताछ शाम 7:30 बजे तक चली। इस दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट, ड्रेनेज सिस्टम और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी सरकारी परियोजनाओं को लेकर जानकारी मांगी गई।


रिशुश्री से जुड़ी कथित WhatsApp चैट पर सवाल


पूछताछ के दौरान सबसे अधिक चर्चा कथित WhatsApp चैट को लेकर रही। ED की चार्जशीट में ठेकेदार रिशुश्री और संतोष कुमार मल्ल के बीच बातचीत का उल्लेख होने की बात सामने आई है। इसी क्रम में अधिकारियों ने 'पांच केजी आम अर्जेंट' लिखे संदेश का अर्थ जानना चाहा।


जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस संदेश के पीछे कोई सांकेतिक अर्थ या आर्थिक लेन-देन से जुड़ा संकेत तो नहीं था।


हालांकि, संतोष कुमार मल्ल ने ऐसी किसी WhatsApp बातचीत से अपना संबंध होने से इनकार किया है। उनका कहना रहा है कि संभव है किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर उनके नाम से सेव होने के कारण बातचीत को उनसे जोड़ दिया गया हो।


सरकारी ठेकों में कमीशनखोरी के आरोपों की जांच


ED की जांच में सीवरेज, ड्रेनेज और कचरा प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं के ठेके कुछ चुनिंदा कंपनियों को दिए जाने के आधार पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।


जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, संबंधित परियोजनाओं में पांच से सात प्रतिशत तक कथित कमीशनखोरी के संकेत मिले हैं। आरोप है कि ठेकेदार रिशुश्री और उससे जुड़ी कंपनियों को सरकारी काम दिलाने के बदले कुछ अधिकारियों तक आर्थिक लाभ पहुंचाया जाता था।


मोबाइल फोन, कथित WhatsApp चैट और डिजिटल दस्तावेजों की जांच के आधार पर ED इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


अब आनंद किशोर से पूछताछ पर नजर


इस मामले में शुक्रवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी आनंद किशोर को ED के समक्ष उपस्थित होना है। उनसे नगर विकास एवं आवास विभाग और बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) में उनकी तैनाती के दौरान हुए कथित टेंडर अनियमितताओं को लेकर सवाल किए जाने हैं।


पिछले चार दिनों में ED अभिलाषा कुमारी शर्मा, सुनील कुमार यादव, धर्मेंद्र कुमार और संतोष कुमार मल्ल समेत चार IAS अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, योगेश कुमार सागर ने अगले सप्ताह पूछताछ के लिए उपस्थित होने का अनुरोध किया है।


कितना बड़ा है कथित टेंडर नेटवर्क?


लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ के बाद अब जांच का दायरा और व्यापक होता दिखाई दे रहा है। ED सरकारी परियोजनाओं के टेंडर, भुगतान, ठेकेदारों के संपर्क और अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।


आने वाले दिनों में जांच से इस कथित नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


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